कोरोना का प्रभाव: विश्व बैंक ने कहा-पाकिस्तान हो सकता है गंभीर आर्थिक मंदी का शिकार
*68 साल में पहली बार पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इतनी खराब
*कोरोना ने तोड़ी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर
*आईएमएफ और विश्व बैंक भी हुआ मेहरबान
कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था में तेजी से आ रही गिरावट पाकिस्तान को 68 साल में पहली बार गंभीर आर्थिक मंदी का शिकार बना सकती है। विश्व बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में साफ तौर पर ये आशंका जताई है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 2.2 फीसदी नीचे गिर सकती है।
पिछले हफ्ते विश्व बैंक ने ये उम्मीद जताई थी कि मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में एक फीसदी का सुधार आ सकता है, लेकिन अपनी ताजा रिपोर्ट में ये आशंका जताई है कि हालात इतने खराब लग रहे हैं कि हो सकता है पाकिस्तान की जीडीपी 2.2 फीसदी से 1.3 फीसदी तक नीचे गिरे जिससे आम लोगों की आर्थिक हालात बेहद खराब हो सकती है।
वाशिंगटन में जारी विश्व बैंक की ही कंपनी साउथ एशिया इकॉनॉमिक फोकस की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना की वजह से किए गए लॉकडाउन और इससे तमाम व्यापारिक, औद्योगिक समेत हर तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह बंद होने से दक्षिण एशिया के सभी आठ देशों की अर्थव्यवस्था पर बेहद बुरा असर पड़ने वाला है।
खासकर पाकिस्तान में 68 सालों में पहली बार ऐसी गंभीर आर्थिक मंदी की आशंका है। इससे पहले 1951-52 में पाकिस्तान की कुछ ऐसी ही हालत हो गई थी और जीडीपी बहुत नीचे चली गई थी। यहां तक कि 1971 में बांग्लादेश को लेकर पैदा हुए संकट के दौरान भी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की ऐसी हालत नहीं हुई थी, बल्कि उस दौरान जीडीपी में 1.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी ही हुई थी।
इस बार की हालत बहुत खराब है। कोरोना संकट ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है और यही वजह है कि अभी से ही उसे इस संकट से उबारने के लिए अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियां मदद के लिए आगे आ गई हैं, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक भी हर संभव मदद कर रहे हैं ताकि पाकिस्तान को उबारा जा सके।

Comments
Post a Comment