आतंकियों को पनाह देने के लिए बदनाम पाक अब UK, US को दवाई भेज सुधारेगा अपनी छवि
पाकिस्तान ने अपनी छवि सुधारने के लिए कोरोना संकट के बीच मित्र देशों के मदद का फैसला किया है। इमरान खान (Imran Khan) की विशेष सहायक का कहना है कि यह विश्वसनीयता बढ़ाने का अवसर है*पाकिस्तान ने अमेरिका, सऊदी, ब्रिटेन सहित कुछ देशों को क्लोरोक्वीन दवाई भेजने का फैसला किया है
*पाक पीएम इमरान खान का कहना है कि कुछ देशों ने उन्हें दवाई के आयात के लिए फोन किया था
*इमरान खान सरकार इस अवसर को देश की विश्वसनीयता बढ़ान के अवसर के तौर पर भी देख रही है
आतंकियों को पनाह देने के लिए दुनियाभर में बदनाम पाकिस्तान कोरोना संकट को अपना चेहरा बचाने के अवसर के रूप में देख रहा है। इसीलिए अब पाकिस्तान ने अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों को क्लोरोक्वीन ( Chloroquine) टैबलेट भेजने का फैसला किया है। इसकी जानकारी पीएम इमरान खान की विशेष सहायक ने कैबिनेट बैठक के बाद मंगलवार को मीडिया को दी।
*इमरान का दावा, दवाई खरीदने वर्ल्ड लीडर्स ने किए फोन
इमरान खान की सूचना व प्रसारण मामलों पर विशेष सहायक फिरदौस आशिक अवान ने बताया कि पीएम ने कैबिनेट को सूचित किया है कि कुछ देशों के नेताओं ने उन्हें फोन किया है और पाकिस्तान से टैबलेट आयात करने की इच्छा जाहिर की क्योंकि कोरोना वायरस के इलाज में क्लोरोक्वीन के नतीजे अच्छे आए हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद मित्र देशों को कोरोना महामारी के वक्त पैदा हुई जरूरतों को देखते हुए क्लोरोक्वीन टैबलेट भेजेगा।
कैबिनेट बैठक के बाद आवान ने कहा कि सऊदी अरब और अमेरिका को 10 लाख टैबलेट, तुर्की, इटली व ब्रिटेन को पांच लाख, कजााकिस्तान को सात लाख और कतर को तीन लाख टैबलेट भेजे जाएंगे।
*फेस वैल्यू, विश्वसनीयता के लिए मदद करेगा पाक
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान हमेशा इन देशों से कुछ न कुछ मांगता रहा है। इसलिए मानवता के लिए और पाकिस्तान की विश्वसनीयता व फेस वैल्यू बढ़ाने के लिए यह अच्छा मौका है कि हमें इस वक्त उनकी मदद करनी चाहिए।' मंंत्री ने साथ ही कहा कि पाकिस्तान के पास 4 करोड़ टैबलेट का स्टॉक है और इसको बनाने के लिए मटीरियल का भी स्टॉक है।
*भारत से कहीं होड़ तो नहीं
पाकिस्तान आर्थिक रूप से खुद बेहद बदहाल देश है। हालत ऐसी है कि कोरोना संकट के वक्त उसे आर्थिक मदद व दवाइयों के लिए मित्र देशों और आईएम से लेकर विश्व बैंक तक के सामने हाथ फैलाने पड़े हैं। ऐसे वक्त में दवाइयों का निर्यात जहां पाकिस्तान की आय को बढ़ाएगा वहीं यह भारत के साथ होड़ के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, भारत ने अमेरिका और ब्रिटेन सहित 53 देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन मेडिसिन भेजने का फैसला किया है और कई देशों को अब तक दवाई की खेप भेजी भी जा चुकी है। इस मदद से भारत की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है।

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