कोरोना संकट के बीच परमाणु गोदाम बनाने में जुटा उत्तर कोरिया, सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा
किम जोंग उन - फोटो :
सारी दुनिया जहां कोरोना वायरस की दवा बनाने में लगी हुई है। वहीं, उत्तर कोरिया एक विशाल स्टोरेज (गोदाम) केंद्र के निर्माण में लगा हुआ है। माना जा रहा है कि इसका उपयोग परमाणु हथियारों को रखने और परीक्षण करने के लिए किया जा सकता है।
मार्च में उपग्रह से ली गई तस्वीरों से इस बात का खुलासा हुआ है। यह केंद्र इस साल के अंत में या 2021 की शुरुआत में बनकर तैयार हो जाएगा। ये तस्वीरें तब सामने आई हैं, जब उत्तर कोरिया के तानाशाह और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले साल परमाणु वार्ता रद्द हो गई थी।यह तस्वीर अमेरिका के सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज ने ली है। सेंटर ने कहा कि यह सुविधा राजधानी प्योंगयांग से 17 मील उत्तर पश्चिम में स्थित है। तस्वीरों को देख कर लग रहा है कि यह पूरा होने वाला है। उन्होंने बताया कि इस सुविधा का निर्माण 2016 में शुरू किया गया था, जब उत्तर कोरिया, अमेरिका तक हमला करने में सक्षम मिसाइलों को बनाने में जुटा था। यहां पहले सिल-ली गांव हुआ करता था।
सेंटर ने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि इस इमारत का प्रयोग मिसाइलों को रखने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा इतनी बड़ी है कि यहां ह्वासोंग-15 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को रखा जा सकता है।
गौरतलब हो कि हाल ही में मीडिया में खबरे सामने आई थी कि किम अपनी जगह अपने हमशक्ल का प्रयोग कर रहा है। दरअसल, किम जोंग का नया वीडियो सामने आया था, जिसके बाद से ही इन चर्चाओं को बल मिला।
इससे पहले किम के मौत की अफवाह उड़ी थी, जिसके बाद उत्तर कोरिया की मीडिया ने किम की नई तस्वीरों और वीडियो को जारी कर इस बात का खंडन किया था। खुफिया रिपोर्टों की माने तो, किम जोंग उन अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में हमशक्लों का इस्तेमाल करता रहता है।

Comments
Post a Comment