जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में मुठभेड़ में कर्नल सहित पांच जवान शहीद, 2 आतंकवादी मारे गए
हंदवाड़ा में आतंकियों के खिलाफ अभियान में कर्नल और मेजर समेत भारतीय सेना के चार जवान शहीद हो गए हैं। मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान भी शहीद हो गया।
श्रीनगर, एजेंसी। जम्मू-कश्मीर हंदवाड़ा में आतंकियों के खिलाफ अभियान में कर्नल और मेजर समेत भारतीय सेना के चार जवान शहीद हो गए हैं। कश्मीर घाटी के हंदवाड़ा में चल रही इस मुठभेड़ में दो आतंकी मार गिराए गए हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक जवान ने भी आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गया। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि हंदवाड़ा के चांजमुल्ला इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी भी मारे गए हैं। यह इलाका उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि सेना ने बंधक बनाए गए नागरिकों को बचाने के लिए अभियान चलाया। शहीद हुए सैन्य अफसर सुरक्षाकर्मियों की टीम का नेतृत्व कर रहे भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक हंदवाड़ा में आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान छिपे हुए आतंकियों ने फायरिंग की, जिसमें 21 राष्ट्रीय रायफल्स के कर्नल, मेजर और दो जवान शहीद हो गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर भी मुठभेड़ में शहीद हुए हैं।शहीद जवानों में 21 राष्ट्रीय रायफल्स के कर्नल आशुतोष, मेजर अनुज सूद, नायक राजेश और लांस नायक दिनेश शामिल हैं। कर्नल आशुतोष को कश्मीर में बहादुरी के लिए दो बार वीरता पदक मिल चुका था। कश्मीर में जांबाजी दिखाने वाले श्रेष्ठ कमांडिंग ऑफिसर्स में उनकी गिनती होती थी।
छंजमुला गांव में मुठभेड़
यह मुठभेड़ हंदवाड़ा के छंजमुला गांव में चल रही थी । संबंधित अधिकारियों ने बताया कि लश्कर के आतंकियों का एक दल बीते कुछ दिनों से राजवार के जंगलों में देखा जा रहा था। इनमें लश्कर का नामी डिवीजनल कमांडर हैदर भी बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो हैदर एलओसी पार से आने वाले आतंकियों के एक नए दस्ते को लेने अपने साथियों संग आया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इस तथ्य की पुष्टि नहीं की है।
चार से पांच आतंकी घेरे
आतंकियों को पकड़ने के लिए शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने अभियान चलाया था। नागनी जंगल में शुक्रवार रात आतंकियों और जवानों के बीच संक्षिप्त मुठभेड़ भी हुई, लेकिन आतंकी घेराबंदी तोड़ भाग निकले। जवानों ने आतंकियों का पीछा जारी रखा और शनिवार दोपहर को छंजमुला गांव में उन्होंने आतंकियों को फिर घेर लिया। आतंकियों की संख्या चार से पांच बताई जाती है। दोपहर बाद करीब तीन बजे मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकी एक मकान में छिपे हुए थे।

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