अर्धसैनिक बलों में भी कोरोना का कहर, अब तक 400 से अधिक जवान हुए संक्रमित
कोरोना वायरस ने देश के अर्धसैनिक बलों को भी संक्रमित किया है। अलग-अलग अर्धसैनिक बलों के सैनिक कोरोना का शिकार होकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है। अब तक लाखों लोगों की जानें जा चुकी है। कोरोना के कहर से पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान भी अछूते नहीं रह गए हैं। देश की रक्षा में लगी पुलिस बल की टुकड़ियों के जवान कोरोना संक्रमित होकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
इन सैनिकों को कोरोना का संक्रमण ऐसे लोगों की सुरक्षा में तैनाती के दौरान ही हुआ है। जानकारी के अनुसार अब तक देश की अलग-अलग अर्धसैनिक बलों के लगभग 450 जवान कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, ये लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं या क्वारंटीन हैं।अब इन अर्धसैनिक बलों के अधिकारी अपने सैनिकों को बचाने के लिए तमाम तरह की रणनीति बना रहे हैं। सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने कोविड-19 महामारी से लड़ने और अपने सैनिकों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है क्योंकि विभिन्न अर्धसैनिक बलों के बीच कोरोनोवायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 400 हो गए हैं।इस संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी ही दर्ज की जा रही है। सीआरपीएफ में लगभग 3.25 लाख सैनिक है, ये देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल (CRPF) के रूप में भी जाना जाता है। पिछले 24 घंटों में केवल तीन कर्मियों ने बीमारी की रिपोर्ट की थी। फिलहाल इस बल में कोविड-19 संक्रमित कर्मियों की कुल संख्या 161 है, जिसमें पिछले सप्ताह एक 55 वर्षीय अधिकारी की मृत्यु भी शामिल है।
कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में इस अर्ध सैनिक बल के मुख्यालय को भी खोला गया था क्योंकि वहां काम करने वाले दो कर्मियों में वायरस का पता चलने के बाद तीन दिन पहले इसे सैनिटेशन के लिए सील कर दिया गया था। कोविड-19 प्रबंधन के लिए बल की ओर से एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया है, जो देश में सभी संरचनाओं में महामारी से संबंधित सभी मुद्दों पर ध्यान देगा। कोरोनोवायरस फैलने के बावजूद आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों और सार्वजनिक राहत कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर बल तैनात किया गया है।
कोरोना वायरस ने देश के अर्धसैनिक बलों को भी संक्रमित किया है। अलग-अलग अर्धसैनिक बलों के सैनिक कोरोना का शिकार होकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है। अब तक लाखों लोगों की जानें जा चुकी है। कोरोना के कहर से पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान भी अछूते नहीं रह गए हैं। देश की रक्षा में लगी पुलिस बल की टुकड़ियों के जवान कोरोना संक्रमित होकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
इन सैनिकों को कोरोना का संक्रमण ऐसे लोगों की सुरक्षा में तैनाती के दौरान ही हुआ है। जानकारी के अनुसार अब तक देश की अलग-अलग अर्धसैनिक बलों के लगभग 450 जवान कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, ये लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं या क्वारंटीन हैं।अब इन अर्धसैनिक बलों के अधिकारी अपने सैनिकों को बचाने के लिए तमाम तरह की रणनीति बना रहे हैं। सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने कोविड-19 महामारी से लड़ने और अपने सैनिकों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है क्योंकि विभिन्न अर्धसैनिक बलों के बीच कोरोनोवायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 400 हो गए हैं।इस संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी ही दर्ज की जा रही है। सीआरपीएफ में लगभग 3.25 लाख सैनिक है, ये देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल (CRPF) के रूप में भी जाना जाता है। पिछले 24 घंटों में केवल तीन कर्मियों ने बीमारी की रिपोर्ट की थी। फिलहाल इस बल में कोविड-19 संक्रमित कर्मियों की कुल संख्या 161 है, जिसमें पिछले सप्ताह एक 55 वर्षीय अधिकारी की मृत्यु भी शामिल है।
कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में इस अर्ध सैनिक बल के मुख्यालय को भी खोला गया था क्योंकि वहां काम करने वाले दो कर्मियों में वायरस का पता चलने के बाद तीन दिन पहले इसे सैनिटेशन के लिए सील कर दिया गया था। कोविड-19 प्रबंधन के लिए बल की ओर से एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया है, जो देश में सभी संरचनाओं में महामारी से संबंधित सभी मुद्दों पर ध्यान देगा। कोरोनोवायरस फैलने के बावजूद आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों और सार्वजनिक राहत कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर बल तैनात किया गया है।

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