वार्ता का सकारात्मक परिणाम, पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन ने कम की सैन्य तैनाती
भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में कई बिंदुओं पर अपने सैनिकों की तैनाती को कम किया है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने गलवां क्षेत्र में, पैट्रोलिंग बिंदु 15 और हॉट स्प्रिंग एरिया से अपने सैनिकों और युद्धक वाहनों को ढाई किलोमीटर पीछे किया है। भारत ने भी अपनी कुछ टुकड़ियां पीछे हटाई हैं।
दोनों देशों के बीच विवाद की शुरुआत पिछले महीने हुई थी जब चीन ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास सैन्य निर्माण और सेना को तैनात करना शुरू कर दिया। इसमें पेगोंग त्सो झील और गलवां घाटी शामिल हैं। चीनी सैनिक विवादित क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा बलों के साथ कई बार आमने-सामने हो चुके हैं।
पैंगोंग त्सो क्षेत्र में कोई सैन्य बदलाव नहीं
सैन्य सूत्रों ने बताया कि भारत और चीन दोनों देशों की सेनाओं ने गलवां, हॉट स्प्रिंग्स और पैट्रोलिंग एरिया पीपी-15 से अपने सैनिक और अस्थायी रूप से तैयार किए गए ढांचे हटाए हैं। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि पैंगोंग त्सो और दौलत बेग ओल्डी जैसे इलाकों में उनकी स्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं आया है।
माना जा रहा है कि यह कदम दोनों देशों ने एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए हुई वार्ताओं का परिणाम है। हालांकि, अभी तक रक्षा मंत्रालय या विदेश मंत्रालय की ओर से भी सैनिकों के पीछे हटने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चीन की ओर से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया है।
समाधान के लिए जारी है बातचीत का दौर
विवाद को हल करने के लिए दोनों देशों के बीच बाचतीच का दौर जारी है। सू्त्रों ने बताया कि इलाकों में तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बुधवार को मेजर जनरल स्तर की वार्ता होगी। वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सैन्य दल के सदस्य चुशुल में हैं और वे अगले कुछ दिनों में होने वाली बातचीत की तैयारी कर रहे हैं।
टीम को सेना मुख्यालय और सरकारी अधिकारियों से मामले के समाधान में मदद करने के लिए निर्देश और आदेश दिए गए हैं। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच छह जून को सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत हुई। जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया था। वहीं चीन की तरफ से दक्षिण झिंजियांग सैन्य जिला कमांडर मेजर जनरल लियू लिन थे। यह बैठक मोल्डो में हुई थी।
इस वार्ता का जमीन पर कोई तत्कालिक परिणाम नहीं निकला क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे के विपरीत गतिरोध की स्थिति में बने हुए हैं। दोनों पक्ष समस्या का हल खोजने के लिए राजनयिक और सैन्य दोनों स्तरों पर बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए थे। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि चीन के साथ सैन्य और राजनयिक स्तरों पर वार्ता जारी है।
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